
Upma Singh
Upma Singh is a journalist with 17 years of experience in the field of entertainment and feature journalism. She has worked with Amar Ujala and Dainik Bhaskar , leading national hindi newspapers before joining Navbharat Times. She is an assistant editor at Navbharat Times, Mumbai.
All reviews by Upma Singh

Saare Jahan Se Accha
Drama (Hindi)
देश के जांबाजों को सलामी, सनी हिंदुजा और सोहेल नायर चमके
Thu, August 14 2025
बॉर्डर पर देश की सुरक्षा के लिए लड़ने वाले जांबाजों के किस्से हमेशा बड़े गर्व के साथ सुनाए जाते हैं, मगर कुछ योद्धा ऐसे भी होते हैं, जिनका कोई शौर्य गान नहीं होता। उनके साहस और बुद्धिमत्ता की कहानी कहीं दर्ज नहीं होती। ये गुमनाम हीरो हैं, वे खुफिया जासूस जो देश पर आने वाले हर खतरे को रोकने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने को हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसे ही जासूसों की कहानी है, वेब सीरीज ‘सारे जहां से अच्छा’। अभी जब हम देश की आजादी की 79वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं, यह सीरीज उन नायकों के प्रति सम्मान की भावना और देशभक्ति का जज्बा मजबूत करती है।

Court Kacheri
Comedy, Drama (Hindi)
मनोरंजन की अदालत में कमजोर निकला टीवीएफ का ये केस
Thu, August 14 2025
कोर्ट कचहरी और काले कोट वाले वकीलों से लोग अमूमन दूर ही रहना पसंद करते हैं, इसलिए उनकी दुनिया से अंजान भी होते हैं। ऐसे में, न्याय के इस मंदिर के इर्द-गिर्द ढंग से कहानी बुनी जाए तो एक ताजगी और नयापन जरूर महसूस होता है। जैसा कि बीते साल आई वेब सीरीज ‘मामला लीगल है’ को लेकर महसूस हुआ था। रवि किशन स्टारर यह सीरीज टीवीएफ (द वायरल फीवर) से निकले विश्वपति सरकार और समीर सक्सेना ने बनाई थी। वहीं, अब TVF के मूल कर्ता धर्ता अरुणाभ कुमार इसी विषय पर नई सीरीज ‘कोर्ट कचहरी’ लेकर आए हैं, जिसमें दो पीढ़ियों यानी पिता-पुत्र के बीच करियर की आजादी को लेकर तनातनी का तड़का भी है, मगर इसके बावजूद मामला सही से सेट नहीं हो पाया है और उनका यह केस (सीरीज) कमजोर रह गया है।

Son of Sardar 2
Comedy, Drama (Hindi)
Fri, August 1 2025
बॉलीवुड में सीक्वल सीजन इन दिनों उफान पर है और इस मामले में सबके आगे चल रहे हैं सुपरस्टार अजय देवगन। हाल ही वह ‘रेड 2’ लेकर आए। आगे उनकी ‘दे दे प्यार दे 2’, ‘दृश्यम 3’, ‘धमाल 4’ और ‘गोलमाल 5’ जैसी सीक्वल फिल्में कतार में हैं। इसी बीच सिनेमाघरों में शुक्रवार, 1 अगस्त को आ चुकी है- सन ऑफ सरदार 2। यह एक नो-ब्रेनर यानी दिमाग का शटर बंद करके देखी जाने वाली कॉमेडी फिल्म है। यह साल 2012 में आई अजय की मल्टीस्टारर फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ का स्टैंड अलोन सीक्वल है। इसका अजय के किरदार जस्सी रंधावा के अलावा पिछली फिल्म से कोई लेना-देना नहीं है। कहानी यूं है कि जस्सी रंधावा (अजय देवगन) की पत्नी डिंपल (नीरू बाजवा) लंदन में जॉब कर रही है, जबकि वह पंजाब में वीजा मिलने का इंतजार। एक दशक के बाद जस्सी को आखिरकार वीजा मिल जाता है, मगर जब वह डिंपल के पास पहुंचता है तो पता चलता है कि डिंपल किसी और के प्यार में है और वह जस्सी को तलाक देना चाहती है। इधर, एक दिन जस्सी पाकिस्तानी मूल की राबिया (मृणाल ठाकुर) से टकराता है, जिसका पति दानिश (चंकी पांडे) उसे छोड़कर भाग गया है। राबिया अपने परिवार जैसी टीम महविश (कुब्रा सैत), गुल (दीपक डोबरियाल) और सौतेली बेटी सबा (रोशनी वालिया) के साथ शादियों में नाचने-गाने का काम करती है। सबा, शहर के धाकड़ राजा संधू (रवि किशन) के बेटे गोगी (साहिल मेहता) से प्यार करती है। दोनों शादी करना चाहते हैं, मगर देशभक्त राजा को पाकिस्तानी और नाचने गाने वाले लोगों दोनों से नफरत है।

Sarzameen
Drama, Thriller (Hindi)
इस कहानी का ना 'सर' है, ना सिरा, न ठोस 'जमीन'
Fri, July 25 2025
‘वतन के आगे कुछ नहीं, खुद भी नहीं।’ फिल्म ‘राज़ी’ का यह डायलॉग तो आपको याद ही होगा! निर्माता करण जौहर अब उसी तर्ज पर अपनी नई देशभक्ति फिल्म लेकर आए हैं। फिल्म का नाम है- सरजमीन, और सार है- सरजमीं के आगे कुछ नहीं, बेटा भी नहीं। लेकिन अफसोस कि देशभक्ति के जज्बे से लेकर रिश्तों की भावनाओं तक, करण जौहर की यह फिल्म किसी मायने में ‘राज़ी’ के करीब भी नहीं फटकती। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में सेट यह कहानी है, देश को सबसे ऊपर रखने वाले जांबाज आर्मी अफसर कर्नल विजय मेनन (पृथ्वीराज सुकुमारन) की, जो एक मुठभेड़ में दो आतंकियों आबिल और काबिल को गिरफ्तार कर लेता है। इन दोनों को रिहा करवाने के लिए आतंकी विजय के बेटे हरमन (इब्राहिम अली खान) को अगवा कर लेते हैं। अब विजय को देश और बेटे में से किसी एक को चुनना है। अपनी पत्नी मेहरूनिसा (काजोल) के दबाव में आकर पिता के दिल के आगे वह झुक भी जाता है और बेटे के बदले इन आतंकियों को छोड़ने को तैयार हो जाता है, मगर ऐन मौके पर देश के प्रति उसका कर्तव्य जाग जाता है।

The Fantastic Four - First Steps
Science Fiction, Adventure (English)
फैमिली ड्रामा में फंस गए ये फैंटास्टिक सुपरहीरोज
Fri, July 25 2025
चार वैज्ञानिक, जो एक स्पेस मिशन के लिए अंतरिक्ष में गए, मगर वहां कुछ ऐसी ब्रह्मांडीय किरणों से टकराए कि वे सुपरपावर्स से लैस होकर वापस लौटे और बन गए फैंटास्टिक फोर। वे सुपरहीरोज, जो अपनी दुनिया को हर तरह के खतरों से बचाते हैं। मार्वल के ये ‘फैंटास्टिक फोर’ फिर पर्दे पर लौटे हैं, मगर इस बार जोर एक्शन, एडवेंचर और रोमांच से ज्यादा इमोशन और फैमिली ड्रामा पर है। यह कहानी एक काल्पनिक रेट्रो फ्यूचरिस्टिक दुनिया अर्थ 828 के मसीहा, ‘फैंटास्टिक फोर’ रीड रिचर्ड्स (पेड्रो पास्कल), उसकी पत्नी सू स्ट्रॉम (वैनेसा किर्बी), दोस्त बेन ग्रिम (एबन मॉस-बैचराच) और साले जॉनी स्ट्रॉम (जोसेफ क्विन) के परिचय से शुरू होती है। एक टीवी होस्ट दर्शकों को बताता है कि कैसे 4 साल पहले ये चारों स्पेस में गए और अलग-अलग सुपरपावर वाले हीरो बन गए। मसलन, तेज दिमाग वाला रीड किसी रबर की तरह फैल सकता, सू गायब हो सकती है, बेन अब विशाल पत्थर की तरह बन चुका है, वहीं जॉन उड़ते हुए आग के गोले में तब्दील हो सकता है। इन चार साल में अपनी इन ताकतों के दम पर इन्होंने कई खलनायकों से लोगों की रक्षा की है। चारों एक परिवार की तरह साथ रहते हैं और जल्द ही रीड और सू के घर एक नन्हा मेहमान भी आने वाला है। लेकिन तभी इनकी दुनिया पर गैलेक्टस के रूप में एक खतरा मंडराने लगता है।

Saiyaara
Romance, Drama (Hindi)
परफेक्ट नहीं, पर प्यारी है अहान और अनीत की ये 'आशिकी'
Fri, July 18 2025
‘सैयारा मतलब तारों में इक तन्हा तारा, खुद जलकर जो रोशन कर दे जग ये सारा।’ यह डायलॉग है, दर्द-ए-दिल की कहानियों के महारथी हो चुके डायरेक्टर मोहित सूरी की नई फिल्म ‘सैयारा’ का। इश्क में खुद को मिटाकर अपने प्यार को रोशन करने वाले ऐसे सैयाराओं की कहानी मोहित ‘आशिकी 2’ के जमाने से सुनाते आ रहे हैं। यह फिल्म भी उसी की नई कड़ी है, जिसमें प्यार, दर्द और सुरीले गानों का कॉकटेल है। साथ ही अहान पांडे (चंकी पांडे के भतीजे) और अनीत पड्डा के रूप में दो नए चेहरों की ताजगी भरी केमिस्ट्री भी। कहानी की कमी-बेसी के बावजूद मोहित का प्यार का यह दांव इस बार भी सही ही बैठा है। कहानी संगीत की दुनिया में चमकने का सपना देखने वाले एक उभरते हुए कलाकार कृष कपूर (अहान पांडे) की है। अहान के एंट्री शॉट से ही साफ हो जाता है कि वह ‘आशिकी 2’ के आरजे और ‘रॉकस्टार’ के जेजे टाइप बेपरवाह, गुस्सैल, सिगरेट के कश खींचने वाला बंदा है। जबकि, उसके उलट वाणी बत्रा (अनीत पड्डा) एक शांत, समझदार, खुद में गुमसुम रहने वाली लड़की है, जो हाल ही में एक दर्दनाक ब्रेकअप से बाहर आई है। हां, टैलंटेड दोनों खूब हैं।

Tanvi the Great
Drama (Hindi)
'ग्रेट' बनाने के फेर में न पड़ते तो परफेक्ट थी 'तन्वी'
Fri, July 18 2025
‘कोई किसी को सपने देखने से कैसे रोक सकता है?’ यह डायलॉग है, जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर की ताजातरीन फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ का। असल जिंदगी में भी वह ‘कुछ भी हो सकता है’ और ‘आपके बारे में सबसे बेहतरीन चीज आप खुद हैं’ जैसे प्रेरक फलसफे पर यकीन करते हैं। अनुपम खेर की इस फिल्म का सार भी यही है कि ‘हर इंसान अलग’ है और यही उसकी खूबी है। दुनिया की नजर में बेहद कमजोर दिखने वाला इंसान भी ठान ले तो बड़े से बड़ा सपना पूरा कर सकता है। अनुपम खेर इस फिल्म से दो दशक बाद निर्देशन में उतरे हैं। वह इसके सह-लेखक भी हैं। फिल्म उनके लिए इस मायने में भी खास है कि कहानी की प्रेरणा उनकी खुद की ऑटिस्टिक भांजी तन्वी है। सैन्य ट्रेनिंग के लिए मशहूर उत्तराखंड के लैंसडाउन में सेट यह कहानी है, एक स्पेशल चाइल्ड तन्वी (शुभांगी दत्त) की, जो दिल्ली में अपनी मां डॉक्टर विद्या रैना (पल्लवी जोशी) के साथ रहती है। तन्वी को ऑटिज्म है, जिस कारण वह दूसरों से अलग है। अपने पिता कैप्टन समर रैना (करण टैकर) को वह बचपन में ही खो चुकी है। ऐसे में, जब उसकी मां विद्या को एक समिट के लिए यूएस जाना पड़ता है, तो तन्वी को अपने दादा कर्नल प्रताप रैना (अनुपम खेर) के पास लैंसडाउन आना पड़ता है।

Maalik
Action, Thriller, Crime, Drama (Hindi)
Fri, July 11 2025
‘दुनिया में दो तरह के लोग रहते हैं… एक जो पसीना बहाकर रोटी कमाते हैं, और दूसरे जो खून-पसीना बहाकर रोटी छीन लेते हैं।’ सिनेमाई पर्दे का ये ‘मालिक’ उस दूसरे तरह का बंदा है। कुछ वैसा ही, जैसा 80 के दशक के एंग्री यंग मैन हुआ करते थे। उसकी फिलॉसफी भी वही है कि मालिक पैदा नहीं हुआ तो क्या हुआ, बन तो सकते हैं। उसके लिए मार-काट, गोली-बंदूक, डर-हिंसा का रास्ता ही आसान है। आजकल पर्दे पर यह सब खूब चल भी रहा है, तो उसी विजय दीनानाथ चौहान और पुष्पाराज वाली कड़ी में एक गरीब परिवार के लड़के के बाहुबली बनने की कहानी है ‘मालिक’। कहानी 80 के दशक में इलाहाबाद में सेट है, जहां एक मजबूर किसान राजेंद्र गुप्ता का बेटा दीपक (राजकुमार राव) अपनी किस्मत के आगे झुकने को तैयार नहीं है, बल्कि वह अपने पिता की किस्मत बदलकर उसे एक मजबूत बेटे का बाप बनाने पर आमादा है। उसे यह मौका तब मिल भी जाता है, जब इलाके के बाहुबली नेता शंकर सिंह (सौरभ शुक्ला) का गुर्गा उसके पिता के ऊपर ट्रैक्टर चलवा देता है। दीपक इलाके के बाहुबली शंकर सिंह को आइडल मानता है। बस फिर क्या था, इसके बाद दीपक बीच चौराहे पर उस गुंडे को बेरहमी से खत्म कर अपनी दबंगई साबित कर देता है और बन जाता है- मालिक।
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