
Deepak Dua
Independent Film Journalist & Critic
Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.
A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra
All reviews by Deepak Dua

| Director: | Anurag Kashyap |
|---|---|
| Cast: | Rahul Bhat, Sunny Leone, Mohit Takalkar, Megha Burman, Haripriya Manish Lodhia, Shrikant Yadav, Abhilash Thapliyal, Jeniffer Piccinato, Benedict Garrett, Aamir Dalvi |
Kennedy
Crime, Thriller (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'
अंधेरी रातों में सुनसान राहों पर ‘कैनेडी’
Fri, February 20 2026
‘हम कवि अपनी जवानी की शुरुआत खुशी से करते हैं, लेकिन आखिर में निराशा और पागलपन आ जाता है।’ इंगलिश कवि विलियम वर्ड्सवर्थ की इन पंक्तियों से शुरू होने वाली अनुराग कश्यप की फिल्म ‘कैनेडी’ बहुत जल्द इन पंक्तियों के अर्थ को बयान करने में लग जाती है। 2020-21 की कोरोना महामारी के समय में स्थित इस फिल्म ‘कैनेडी’ (Kennedy) का केंद्रीय पात्र कैनेडी कभी एक पुलिस वाला उदय शैट्टी हुआ करता था जो शहर के भ्रष्ट पुलिस कमिश्नर की टीम में था। अब भी वह कमिश्नर के कहने पर लोगों को मार रहा है, उनसे उगाही कर रहा है। लेकिन जिस काम को कभी वह खुशी से करता था अब उसी को निराशा और पागलपन से कर रहा है। सिर्फ कुछ रातों की इस कहानी की शुरुआत में ही उदय शैट्टी बता देता है कि पिछले छह सालों में उसने अनगिनत लोगों को मारा है। धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए यह फिल्म बीच-बीच में फ्लैश बैक में भी जाती है और तब समझ आता है कि जिस बहुत उलझे हुए कथानक के बीच हम फंसे पड़े हैं, उसके धागे असल में कहां तक फैले हुए हैं।

| Director: | Vishal Bhardwaj |
|---|---|
| Cast: | Shahid Kapoor, Triptii Dimri, Avinash Tiwary, Nana Patekar, Vikrant Massey, Tamannaah Bhatia, Disha Patani, Farida Jalal, Aruna Irani, Hussain Dalal |
O'Romeo
Crime, Drama, Action (Hindi)
‘ओ रोमियो’ प्यार न करियो…
Sat, February 14 2026
नब्बे के दशक में जब मुंबई अंडरवर्ल्ड पर दाउद की डी कंपनी का राज था तो उसका एक विरोधी था हुसैन उस्तरा। इसी हुसैन उस्तरा ने अशरफ खान नाम की उस औरत को बढ़ावा दिया था जिसके पति को दाउद के कहने पर मारा गया। अपने पति के कत्ल का बदला लेने के लिए अशरफ बन गई थी सपना दीदी और उसने उस्तरा के साथ मिल कर दाउद को शारजाह के स्टेडियम में टपकाने का प्लान भी बना डाला था। लेकिन ऐसा हो न सका और डी कंपनी ने पहले सपना को टपकाया, फिर उस्तरा को। मुंबई अंडरवर्ल्ड को करीब से जानने वाले पत्रकार हुसैन ज़ैदी की किताब ‘माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई’ के सपना दीदी पर लिखे अध्याय पर आधारित विशाल भारद्वाज की यह फिल्म ‘ओ रोमियो’ (O’ Romeo) सपना और उस्तरा की कहानी को कुछ अलग नज़रिए से देखती है, कुछ अलग ढंग से दिखाती है।

| Director: | Jaspal Singh Sandhu |
|---|---|
| Cast: | Sanjay Mishra, Neena Gupta, Kumud Mishra, Amitt K Singh, Akshay Dogra, Shilpa Shukla, Yogita Bihani, Akanksha Ojha |
| Writer: | Jaspal Singh Sandhu |
Vadh 2
Crime, Drama, Thriller (Hindi)
जेल के अंदर ‘वध 2’ का रहस्य
Sat, February 7 2026
किसी निर्दोष को मारना हत्या कहलाता है और किसी अत्याचारी या दुष्ट को मारना वध। लेकिन कानून की नज़र में तो हर हत्यारा दोषी ही होगा न? और किसी को जान से मारा जाए तो वह हत्या होगी या वध यह कौन तय करेगा? 2022 में आई ‘वध’ में एक अधेड़ दंपती ने अपने घर में घुस कर उन्हें परेशान करने वाले दबंग का ‘वध’ किया था। अब ‘वध 2’ (Vadh 2) में मामला घर के अंदर का नहीं, जेल के अंदर का है। मंजू सिंह 28 बरस से जेल में बंद है। अब उसकी रिहाई होने वाली है। जल्द रिटायर होने वाले जेल के एक सिपाही शंभूनाथ मिश्रा के साथ उसका दोस्ताना है। जेल में बंद एक दबंग से हर कोई परेशान है। एक दिन वह गायब हो जाता है। कहां गया वह? क्या उसे मार दिया गया? उसकी लाश कहां गई? मिली या नहीं? मिली तो कहां, कैसे? और यह हत्या थी या वध? किसने मारा उसे? कैसे मारा?

| Director: | Abhiraj Minawala |
|---|---|
| Cast: | Rani Mukerji, Mallika Prasad, Janki Bodiwala, Jisshu Sengupta, Mikhail Yawalkar, Jaipreet Singh, Sachin Negi, Jimpa Sangpo Bhutia, Prajesh Kashyap, Indraneel Bhattacharya |
Mardaani 3
Action, Crime, Thriller (Hindi)
खूब लड़ी ‘मर्दानी 3’ वो तो फिल्मी रानी थी
Fri, January 30 2026
बुलंदशहर से एक बच्ची किडनैप हुई है। मामला हाई प्रोफाइल है इसलिए आई.पी.एस. शिवानी शिवाजी रॉय को बुलाया जाता है। अपनी तफ्तीश में शिवानी पाती है कि मामला उतना सीधा नहीं है जितना ऊपर से लग रहा है। देश भर से 9-10 साल की बच्चियां गायब हो रही हैं। क्या कारण हो सकता है? उनसे भीख मंगवाई जा रही है? उनके अंग बेचे जा रहे हैं? या फिर कुछ और…? कौन करवा रहा है यह सब? आइए देखते हैं। 2014 में आई प्रदीप सरकार वाली ‘मर्दानी’ से जन्मी सिनेमाई कॉप शिवानी अपनी पैनी नज़र और साहस के लिए सराही गई थी जिसने उस फिल्म में लड़कियों की तस्करी और नशे का कारोबार करने वालों को सबक सिखाया था। बाद में उसी फिल्म के लेखक गोपी पुथरन के निर्देशन में 2019 में ‘मर्दानी 2’ में आकर शिवानी ने एक सनकी बलात्कारी और हत्यारे के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी। इस बार शिवानी के निशाने पर बच्चियों के किडनैपर हैं। मगर क्या इस बार बात पहली दो फिल्मों जैसी मज़बूत बन पाई है? आइए देखते हैं।

| Director: | Lakshmi R. Iyer |
|---|---|
| Cast: | Parambrata Chatterjee, Kalyanee Mulay, Jayraj Nair, Vedant Sinha, Ramesh Nair, Roshan Rajesh Chouhan, Renuka Shahane |
| Writer: | Apurva Asrani |
The Pact
Drama (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'
यादों का हसीन इकरारनामा ‘द पैक्ट’
Sat, January 24 2026
राघव पुणे पहुंचा है उस फ्लैट का सौदा करने जिसमें उसका बचपन बीता था। दीवार पर उसके माता-पिता की तस्वीरें टंगी हैं। यहां उसे वे पल याद आने लगते हैं जो उसने यहां बिताए थे। खासतौर से अपने पिता के साथ अपने रिश्ते और यादों को वह सहेजता है। वह उस पैक्ट यानी इकरारनामे को भी याद करता है जो उसके और उसके पिता के बीच हुआ था। क्या था वह इकरारनामा…? फीचर फिल्मों और वेब-सीरिज़ की भीड़भाड़ में अच्छी शॉर्ट-फिल्में अक्सर छुप जाती हैं। एक वजह तो यही रहती है कि ज़्यादातर शॉर्ट-फिल्में किसी कायदे के प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ ही नहीं हो पातीं हैं। दूसरी वजह यह कि ज़्यादातर दर्शक भी इनके प्रति उदासीन रहते हैं जबकि सच यह है कि यदि अच्छे से बुनी-बनाई कहानी हो तो वह कुछ मिनटों में भी गहरी बात कह जाती है, जैसे यह फिल्म ‘द पैक्ट’ कह रही है।

| Director: | Anurag Singh |
|---|---|
| Cast: | Sunny Deol, Varun Dhawan, Diljit Dosanjh, Ahan Shetty, Mona Singh, Sonam Bajwa, Anya Singh, Medha Rana, Paramvir Singh Cheema, Guneet Sandhu |
Border 2
Action, Drama, War (Hindi)
मिट्टी के बेटों को सलाम करती ‘बॉर्डर 2’
Sat, January 24 2026
1971 के भारत-पाक युद्ध में इतने सारे मोर्चों पर इतनी सारी लड़ाइयां लड़ी गई थीं कि हमारे फिल्मकार चाहें तो हर साल उन पर फिल्में बना सकते हैं। 13 जून, 1997 को आई जे.पी. दत्ता की ‘बॉर्डर’ उस युद्ध की लोंगेवाला की लड़ाई पर थी तो पिछले दिनों आई श्रीराम राघवन की ‘इक्कीस’ बसंतर की लड़ाई पर। अब आई ‘बॉडर 2’ को बसंतर, शक्करगढ़, मनव्वर तवी, पुंछ, ऑपरेशन चंगेज़, आई.एन.एस. खुखरी जैसे कई मोर्चों को मिला-जुला कर मसालेदार बनाने की कोशिश की गई है। यानी ‘बॉर्डर 2’ पिछली वाली ‘बॉर्डर’ का सीक्वेल नहीं है बल्कि यह उसी नाम वाली एक और फिल्म है जिसमें ‘बॉर्डर’ का फ्लेवर, उसकी खुशबू, उसकी झलक डाली गई है।

| Director: | Vir Das, Kavi Shastri |
|---|---|
| Cast: | Vir Das, Mona Singh, Mithila Palkar, Sharib Hashmi, Srushti Tawade, Aamir Khan, Imran Khan |
| Writer: | Vir Das, Amogh Ranadive |
Happy Patel: Khatarnak Jasoos
Comedy, Action, Romance (Hindi)
शोर करता बोर करता ‘हैप्पी पटेल’
Sat, January 17 2026
इस फिल्म ‘हैप्पी पटेल-खतरनाक जासूस’ (Happy Patel-Khatarnak Jasoos) पर रिसर्च की जानी चाहिए। मैं खुद बहुत उत्सुकता से यह जानना चाहूंगा कि इस फिल्म के लेखकों वीर दास और अमोघ रणदिवे में से किस के दिमाग में इस कहानी का आइडिया पहली बार आया होगा? कैसे उन्होंने उस कहानी पर इस तरह की ऐसी स्क्रिप्ट लिखी होगी? कैसे आमिर खान जैसा निर्माता इस पर दांव लगाने को तैयार हो गया होगा? आखिर क्या दिखा होगा आमिर को उस स्क्रिप्ट में, उस स्क्रिप्ट पर बनी फिल्म में? ऐसा नहीं है कि इस फिल्म ‘हैप्पी पटेल-खतरनाक जासूस’ (Happy Patel-Khatarnak Jasoos) में कहानी नहीं है। बिल्कुल है और ऐसी है कि यदि उसे सलीके से फैलाया जाए तो उस पर तीन-चार घंटे की फिल्म बन सकती है। लेकिन दिक्कत यही है कि इस फिल्म में से वह ‘सलीका’ ही तो गायब है जो किसी कहानी को रोचक बनाता है। यही कारण है कि सिर्फ दो घंटे की यह फिल्म ज़बर्दस्त शोर से शुरू होकर महाबोर करते हुए शोर में ही खत्म हो जाती है।

| Director: | Ankit Sakhiya |
|---|---|
| Cast: | Reeva Racch, Shruhad Goswami, Karan Joshi |
| Writer: | Vicky Poornima, Krushansh Vaja, Ankit Sakhiya |
Laalo
Family, Drama (Gujarati)
आस्था और कर्म का मार्ग दिखलाती ‘लालो’
Sat, January 10 2026
पहले तो यह जान लीजिए कि ‘लालो’ हिन्दी में डब होकर आई एक गुजराती फिल्म है जिसे बिना उपयुक्त प्रचार के रिलीज़ कर दिया गया है, शायद यह सोच कर कि यह अपनी राह खुद बना लेगी। लेकिन इसे बनाने वाले लोग शायद हिन्दी के दर्शकों का मिज़ाज नहीं जानते कि ये लोग सिर्फ उसी चीज़ के पीछे भागते हैं जिसके भीतर भले ही दम हो या न हो लेकिन जिसका ढोल ज़ोर-ज़ोर से बजाया गया हो। तो सुनिए, इस फिल्म ‘लालो-श्रीकृष्ण सदा सहायते’ का ढोल इस तरह से बजाया जा सकता है कि अक्टूबर, 2025 में गुजराती में रिलीज़ हुई यह फिल्म गुजराती सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी हिट फिल्म है। इसके आने से पहले जहां सबसे बड़ी हिट गुजराती फिल्म का कलैक्शन 50 करोड़ था वहीं इस फिल्म का कलैक्शन 120 करोड़ तक जा पहुंचा है। माउथ पब्लिसिटी के दम पर इतनी बड़ी हिट होने के बाद अब यह हिन्दी में डब होकर आई है। ज़ाहिर है इसमें कुछ तो खास होगा ही, आइए देखते हैं।
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