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Deepak Dua

Independent Film Journalist & Critic

Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.

A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra

All reviews by Deepak Dua

Image of scene from the film De De Pyaar De 2

De De Pyaar De 2

Comedy, Romance (Hindi)

रिश्तों का एक और रंगीन पंचनामा

Sat, November 15 2025

साढ़े छह बरस पहले आई ‘दे दे प्यार दे’ में 50 बरस के अधेड़ आशीष को 26 बरस की कमसिन आयशा से प्यार हुआ था मगर बीच में आ गए थे आशीष के बीवी-बच्चे जिनसे वह 18 साल पहले अलग हो गया था। आशीष बेचारा असमंजस में फंस गया था कि पुराने रिश्ते निभाए या नए रिश्ते को थामे। लेकिन अंत में सब सुलझ गया था। क्या वाकई…! पहले आशीष आयशा को अपने परिवार से मिलवाने ले गया था और इस बार आयशा उसे अपने घर लाई है अपने परिवार से मिलवाने। यहां बात-बात पर खुद को ‘प्रगतिशील, पढ़े-लिखे, आधुनिक’ कहलवाने वाले उसके माता-पिता हैं जो आशीष से साल-डेढ़ साल ही बड़े हैं। भाई, भाभी, मासी, कज़िन, नानी, भाभी के माता-पिता वगैरह भी हैं। ऐसे में अपने पिता की उम्र के आशीष को वह कैसे सबसे मिलवाए, कैसे यह बताए कि हम दोनों शादी करने वाले हैं…? लेकिन जैसा कि फिल्मों में होता है, अंत में सब सुलझ जाता है। क्या वाकई…!

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Image of scene from the film Baramulla

Baramulla

Horror (Hindi)

वादी की शापित लोरियां सुनाती ’बारामूला’

Wed, November 12 2025

2016 का साल। कश्मीर का बारामूला कस्बा। वही बारामूला जिसे वराहमूल और वर्मूल भी कहा गया। एक फंक्शन में तमाशा दिखा रहे जादूगर के बक्से से स्थानीय एम.एल.ए. का बच्चा ’गायब’ हो जाता है। तफ्तीश के लिए डी.एस.पी. रिदवान की वहां पोस्टिंग होती है। कुछ और बच्चे भी ’गायब’ हो रहे हैं। रिदवान को उन आतंकियों पर शक है जो बच्चों को पत्थरबाज बना रहे हैं। उधर जिस पुराने मकान में रिदवान और उनका परिवार रह रहा है वहां भी कुछ अजीब हरकतें हो रही हैं। कोई साया है जो उनके बेटे के संग खेलता है। बेटी को लगता है कि इस घर में कोई कुत्ता भी है। एक दिन रिदवान की बेटी भी ’गायब’ हो जाती है। कौन है इसके पीछे? क्या राज़ है इस घर का? बच्चे ’गायब’ क्यों हो रहे हैं, कैसे हो रहे हैं, कौन कर रहा है, कहां हैं वे बच्चे…?

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Image of scene from the film Haq

Haq

Drama (Hindi)

हक की बात ‘हक़’ के साथ

Sat, November 8 2025

आज़ाद भारत की अदालतों में पेश हुए उल्लेखनीय मुकदमों में शामिल रहा है इंदौर की शाह बानो बेगम का वह केस जो उन्होंने अपने शौहर मौहम्मद अहमद खान के खिलाफ किया था। मुख्तसर बयानी यह कि अहमद ने पहला निकाह शाह बानो से किया जिससे उन्हें 5 बच्चे हुए। 14 साल बाद अहमद ने दूसरा निकाह कर लिया जिससे उन्हें 7 संतानें हुईं। इसके कई साल बाद जब अहमद ने शाह बानो को तलाक दिया तब शाह बानो की उम्र 62 साल थी। शाह बानो गुज़ारे भत्ते के लिए अदालत गईं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और वह जीतीं भी। लेकिन इस फैसले को मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल मानते हुए इसके खिलाफ देश भर में आंदोलन होने लगे। तब तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने 1986 में संसद में एक कानून बना कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेअसर कर दिया। यह फिल्म ‘हक़’ उसी केस पर पर आधारित है।

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Image of scene from the film Chhath

Chhath

(Hindi)

रिश्तों की चाशनी में पगी ‘छठ’

Tue, October 28 2025

बिहार का एक गांव। गोविंद जी का परिवार बहुत खुश हैं। इस बार छठ के अवसर पर 25 साल बाद उनके घर में पूरे परिवार का जुटान हो रहा है। तीन बहनें, जीजा, बच्चे और उनका सबसे प्यारा भतीजा मोहित व उसकी पत्नी जो अमेरिका से आ रहे हैं। सब मिलते हैं तो चुहलबाजियां होती हैं, हंसी-मज़ाक होता है, थोड़ी छींटाकशी भी होती है। लेकिन तभी आड़े आ जाती है एक ऐसी बात कि पूरे घर का माहौल बदल जाता है। एक छत के नीचे दो गुट बन जाते हैं। रिश्ते टूटने की नौबत आ जाती है। और फिर सामने आता है एक दबा हुआ सच। क्या सब सही हो पाता है या फिर…!

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Image of scene from the film Thamma

Thamma

Comedy, Horror (Hindi)

वेताल की बे-ताल कहानी ‘थामा’

Wed, October 22 2025

छपरी किस्म का टी.वी. रिपोर्टर आलोक गोयल जंगल में घूमने जाता है जहां उसके पीछे भालू पड़ जाता है। एक रहस्यमयी लड़की उसे बचाती है। तभी कुछ लोग उसे उठा कर ले जाते हैं और एक बार फिर वही लड़की उसे बचाती है। इन दोनों में प्यार हो जाता है। लेकिन यह लड़की इंसान नहीं, वेताल है। वेताल, यानी चलते-फिरते प्रेत, जो बरसों पहले इंसानी खून पीते थे लेकिन अब इंसानों को बचाने का काम करते हैं। आलोक इस लड़की को लेकर अपने घर दिल्ली आ जाता है तो पीछे-पीछे कुछ वेताल भी आ जाते हैं। वैसे भी अब आलोक इंसान नहीं रहा, वेताल बन चुका है।

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Image of scene from the film Bhagwat Chapter One: Raakshas

Bhagwat Chapter One: Raakshas

Thriller (Hindi)

दहाड़ नहीं पाता यह ‘भागवत’

Fri, October 17 2025

उत्तर प्रदेश के गुस्सैल ए.सी.पी. विश्वास भागवत को क्राइम ब्रांच से हटा कर रॉबर्ट्सगंज भेजा गया है। शहर में एक लड़की के गायब होने से बवाल मचा हुआ है। भागवत का वादा है कि वह 15 दिन में उसे तलाश लेगा। अपनी तफ्तीश में उसे पता चलता है कि सिर्फ वह लड़की ही नहीं बल्कि कुल 19 लड़कियां लापता हैं। पुलिस शक में एक युवक को उठाती है लेकिन उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। भागवत को यकीन है कि यही राक्षस है लेकिन वह शातिर कुछ और ही पैंतरे आजमा रहा है। अचानक कुछ ऐसा होता है कि…! ज़ी-5 पर आई इस फिल्म ‘भागवत चैप्टर 1-राक्षस’ की कहानी में दम है। कहानी के आवरण को भी दिलचस्प ढंग से तैयार किया गया है जिससे उत्सुकता बनी रहती है। एक लड़की के लापता होने के बाद लगातार नए-नए नामों का जुड़ते चले जाना रहस्य को बढ़ाता है। उधर इस कथा के समानांतर एक युवक-युवती की परवान चढ़ती प्रेम-कहानी इस रहस्य में नया एंगल जोड़ती चलती है। लेकिन यह कहानी उतनी दिलचस्प, कसी हुई और पैनी बन नहीं पाई है जितनी होनी चाहिए थी या हो सकती थी।

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Image of scene from the film Kantara A Legend: Chapter 1

Kantara A Legend: Chapter 1

Action, Thriller (Kannada)

रहस्यमयी मधुबन में ले जाती ‘कांतारा-चैप्टर 1’

Tue, October 7 2025

तीन साल पहले कन्नड़ से हिन्दी में डब होकर आई थी ‘कांतारा’। एक लोक-कथा के मिश्रण में मूल निवासियों के जंगल पर अधिकार के संघर्ष, अमीर-गरीब और ऊंची-नीची जाति के भेदभाव और दैवीय न्याय को दिखाती वह फिल्म सीक्वेल की संभावना के साथ खत्म हुई थी। लेकिन जब इसके निर्देशक-अभिनेता ऋषभ शैट्टी ने ऐलान किया कि वह उसका सीक्वेल नहीं बल्कि प्रीक्वेल लाएंगे तो उत्सुकता और बढ़ गई थी। अब आई ‘कांतारा-चैप्टर 1’ उस बढ़ी हुई उत्सुकता को पूरी तरह से शांत करती है।

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Image of scene from the film Homebound

Homebound

Drama (Hindi)

हक और पहचान मांगती ‘होमबाउंड’h

Sat, September 27 2025

‘होमबाउंड’ इस साल भारत की ओर से ऑस्कर पुरस्कार के लिए ऑफिशियल एंट्री के तौर पर भेजी गई है। 2015 में अपनी पहली फिल्म ‘मसान’ से प्रशंसाएं पाकर सबकी नजरों में आए निर्देशक नीरज घेवान की इस फिल्म को कान और टोरंटों जैसे प्रतिष्ठित फिल्मोत्सवों में सराहना मिल चुकी है।

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