
Deepak Dua
Independent Film Journalist & Critic
Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.
A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra
All reviews by Deepak Dua

Mere Husband Ki Biwi
Drama, Comedy (Hindi)
चटनी चटाती
Wed, February 26 2025
अंकुर चड्ढा और प्रभलीन ढिल्लों (जिसे फिल्म में ढिल्लों, ढिल्लोन, ढिल्लन भी कहा गया) का तलाक हो चुका है लेकिन प्रभलीन के साथ बिताए बुरे दिन अंकुर की यादों से नहीं निकल पा रहे हैं। उसे पुरानी दोस्त अंतरा खन्ना मिलती है, दोनों करीब आते हैं कि तभी प्रभलीन लौट आती है और अंकुर को वापस पाने की जुगत में लग जाती है। कौन जीतेगी इस रेस में? हस्बैंड को छोड़ चुकी बीवी या हस्बैंड की होने वाली बीवी? अपने आकर्षक नाम और अपनी कहानी की रूपरेखा से लुभाती इस फिल्म को पति-पत्नी के रिश्ते की पेचीदगियों के इर्दगिर्द बुनी एक कॉमेडी फिल्म का कलेवर दिया गया है। फिल्म अपने फ्लेवर में है भी ऐसी जिससे हल्की-फुल्की कॉमेडी उपजती रहे और रिश्तों की संजीदगियों पर बात भी न हो। अपने ‘बॉलीवुड’ से आने वाली इस किस्म की फिल्में अक्सर यही तो करती आई हैं। आइए, देखिए, टाइमपास कीजिए और जाइए। जिसे कोई सीख लेनी हो ले ले, हम तो मसखरी दिखाएंगे।

Loveyapa
Comedy, Drama, Romance (Hindi)
जेन ज़ी के लव-शव का स्यापा ‘लवयापा’
Sat, February 15 2025
यह जेन ज़ी की फिल्म है। जेन ज़ी बोले तो 21वीं सदी के पहले दशक में जन्मी वह पीढ़ी जिसने पैदा होते ही मोबाइल देखा और इस यंत्र को इस कदर अपना लिया कि अपने दोस्तों, परिवार वालों से ज़्यादा यारी इससे कर ली। इस यंत्र में इन्होंने इतना कुछ भर लिया कि उसे अपनों से ही छुपाने की नौबत आ गई और यही कारण है कि इस जेनरेशन का शायद ही कोई शख्स होगा जिसके मोबाइल में ताला न लगा हो। यह फिल्म उसी ताले के पीछे छुपे राज़ सामने लाकर इस पीढ़ी के रिश्तों के खोखलेपन का दीदार कराती है। बानी और गौरव आपस में प्यार करते हैं। बानी के पिता इन दोनों के सामने शर्त रखते हैं कि तुम दोनों एक दिन के लिए अपने-अपने मोबाइल फोन एक-दूसरे को दे दो। इसके बाद इनके जो राज़ खुलने लगते हैं उससे इनके रिश्ते की दरारों के साथ-साथ इनकी और इनके आसपास के लोगों की ज़िंदगियों का खोखलापन भी दिखने लगता है।

Chhaava
History, Action, Drama (Hindi)
शेर नहीं ‘छावा’ ही निकली यह फिल्म
Sat, February 15 2025
एक दृश्य देखिए-मुगल बादशाह औरंगज़ेब की कैद में अत्याचार सह रहे छत्रपति संभा जी से औरंगज़ेब कहता है-हमारी तरफ आ जाओ, आराम से ज़िंदगी जियो, अपना धर्म बदल कर इस्लाम अपना लो…! संभा जी जवाब में कहते हैं-हमारी तरफ आ जाओ, आराम से ज़िंदगी जियो और तुम्हें अपना धर्म बदलने की भी ज़रूरत नहीं है…! यह एक दृश्य और फिल्म में बार-बार आने वाले संभा जी के संवाद दरअसल छत्रपति शिवाजी और उनके उत्तराधिकारियों की उस ‘हिन्दवी स्वराज’ की अवधारणा को सामने लाते हैं जिसमें हर किसी को अपने-अपने धर्म को मानते हुए साथ-साथ जीने का अधिकार था। यह फिल्म यह भी दिखाती है कि इस देश में ऐसे कई लोग थे जिन्होंने ‘धर्म’ त्यागने की बजाय अपने प्राण त्यागना ज़्यादा सही समझा। यह फिल्म उन लोगों को भी दिखाती है जिन्होंने सत्ता की भूख के चलते अपनों के ही सिर उतरवाए और ऐसे-ऐसे षड्यंत्र रचे जिनके परिणाम आने वाली नस्लों को भुगतने पड़े।

The Mehta Boys
Comedy, Drama, Family (Hindi)
निराश नहीं करते ‘द मेहता ब्वॉयज़’
Fri, February 7 2025
महाराष्ट्र के एक कस्बे में रहने वाले मिस्टर मेहता का बेटा मुंबई में है और बेटी अमेरिका में। मां की मौत के बाद बेटी उन्हें अपने साथ अमेरिका ले जा रही है। किसी कारण से मिस्टर मेहता को दो दिन अपने बेटे के साथ रहना पड़ता है। छोटे मेहता और बड़े मेहता के बीच लव-हेट वाला रिश्ता है। बेटे को लगता है कि उसके पिता उस पर अपनी मर्ज़ियां थोपते आए हैं वहीं बाप को लगता है कि ज़िंदगी के प्रति बेटे की अप्रोच सही नहीं हैं। देखा जाए तो यह सिर्फ इन दो मेहता ब्वॉयज़ की ही कहानी नहीं बल्कि भारत के लगभग हर पिता-पुत्र की कहानी है। फिल्म में ऐसे ढेरों पल आते हैं जिन्हें देखते हुए दर्शक उनमें खुद को खोज सकते हैं। बुढ़ापे में भी पिता का ‘मैं कर लूंगा’, ‘मैं संभाल लूंगा’ वाला अकड़ भरा रवैया हो या बेटे का उनकी हर बात को अपनी ज़िंदगी में दखलअंदाज़ी मानने वाली सोच। एक आम भारतीय परिवार में पिता और पुत्र के बीच के औपचारिक-से रिश्ते की झलक इस फिल्म में बार-बार दिखाई देती है और इसलिए अपनी लिखाई के स्तर पर यह फिल्म कई जगह छूती है।

Mrs
Drama (Hindi)
अपने वजूद की रेसिपी तलाशती ‘मिसेज़’
Thu, February 6 2025
करीब चार साल पहले आई राईटर-डायरेक्टर जियो बेबी की मलयालम फिल्म ‘द ग्रेट इंडियन किचन’ को खासी चर्चा, सराहना और सफलता मिली थी। उस फिल्म में शादी के बाद ढेरों अरमान लेकर आई नई बहू सिर्फ किचन तक सिमट कर रह जाती है। उसका टीचर पति स्कूल में परिवार की अवधारणा तो समझा लेता है लेकिन अपने घर में मालिक बना रहता है। बाद में यह फिल्म तमिल में भी इसी नाम से बनी थी। अब इसी फिल्म का यह हिन्दी रीमेक ‘मिसेज़’ नाम से ज़ी-5 पर आया है। मायके में डांस करने और सिखाने वाली ऋचा अब नई बहू है। उसका पति महिलाओं का डॉक्टर है। घर के काम में हाथ तो दूर, उंगली तक नहीं बंटाता। नहाने के बाद उसका अंडरवियर तक अलमारी से पत्नी निकालती है। घर लौटता है तो घुसते ही अपना बैग पत्नी को पकड़ा देता है। कसूर उसका भी नहीं है। बचपन से ही उसने अपने पिता को यही करते और मां को उनकी चाकरी करते देखा है। ऋचा भी अब इस घर में सिर्फ किचन तक सिमट कर रह गई है। लेकिन उसे तो अपने वजूद की तलाश है। कैसे कर पाएगी वह अपने अरमानों को पूरा?

Deva
Action, Thriller, Mystery, Crime (Hindi)
क्या बुलशिट फिल्म बनाई है रे ‘देवा’…!
Fri, January 31 2025
फिल्म ‘देवा’ का ट्रेलर बताता है कि किसी ने पुलिस के फंक्शन में घुस कर किसी पुलिस वाले को मारा है, अब पुलिस वाला यानी देवा उनके यहां घुस कर उनको मारेगा। जी हां, इस इतना-सा ही ट्रेलर है। दरअसल इस फिल्म को बनाने वालों के पास इससे ज़्यादा बताने लायक कुछ था ही नहीं। चलिए, आगे का हम से सुनिए। फिल्म की शुरुआत दिखाती है कि देवा ने यह केस सुलझा लिया है कि उसके दोस्त पुलिस वाले को किस ने मारा। लेकिन इससे पहले कि वह किसी को कुछ बताए, उसका एक्सिडैंट हो जाता है और उसकी काफी सारी याद्दाश्त चली जाती है। लेकिन वह इस केस पर काम करता रहता है और आखिर पता लगा ही लेता है कि कातिल आखिर कौन है। 2013 में आई अपनी ही बनाई मलयालम फिल्म ‘मुंबई पुलिस’ का 12 साल बाद हिन्दी में रीमेक लेकर आए वहां के निर्देशक रोशन एन्ड्रयूज़ ने मूल फिल्म की कहानी में कुछ एक बदलाव करके कत्ल के एंगल को बदला है जो विश्वसनीय भी लगता है। लेकिन इस फिल्म की हिन्दी में पटकथा लिखने के लिए लेखकों की टीम ने जो मसालेदार हलवा तैयार किया है, उसने जलवा कम बिखेरा है, बलवा ज़्यादा मचाया है। इस फिल्म को देखते हुए पहला अहसास तो यह होता है कि इसे लिखने, बनाने वालों को न तो पुलिस डिपार्टमैंट की गहरी जानकारी है और न ही उनके काम करने के तौर-तरीकों की। अब चूंकि फिल्म लिखनी ही थी तो इन लोगों ने मिल कर अपनी सहूलियत के हिसाब से सीन गढ़े। जहां चाहा फिल्म में आधुनिक गैजेट्स दिखा दिए, जहां चाहा सी.सी.टी.वी. तक गायब करवा दिया। पुलिस वाले कभी बिना बुलैट प्रूफ जैकेट के एनकाऊंटर पर चल दिए तो कभी उन्हें बेसिक समझ से भी पैदल दिखा दिया।

The Storyteller
Drama (Hindi)
सुलाने का काम करता
Wed, January 29 2025
सिनेमा के लिए लिखी गई हर कहानी बड़े पर्दे के लिए नहीं होती। होती, तो लंबे अर्से से बन कर रखी यह फिल्म काफी पहले रिलीज़ हो गई होती। एक सच और भी है कि सिनेमा के लिए लिखी गई हर कहानी पर ‘सिनेमा’ बन ही जाए, यह भी ज़रूरी नहीं। इसी कहानी को ही देखिए। कोलकाता में रह रहा तारिणी बंदोपाध्याय अखबार में विज्ञापन देख कर अहमदाबाद जा पहुंचता है जहां उसे एक ऐसे अमीर कारोबारी रतन गरोडिया को कहानियां सुना कर सुलाने का काम मिलता है जिसे नींद न आने की बीमारी है। कहानियां सुनने-सुनाने के दौरान इन दोनों की बातें इस फिल्म को एक अलग दिशा देती हैं। फिल्मकार सत्यजित रे ने बतौर लेखक जो लोकप्रिय किरदार रचे उनमें एक पात्र तारिणी खुरो का भी था। इस किरदार को केंद्र में रच कर लिखी गईं उनकी ढेरों कहानियों में से आखिरी कहानी ‘गोल्पो बोलिए तारिणी खुरो’ यानी ‘कहानियां सुनाने वाला तारिणी अंकल’ थी। उसी लघु कथा को आधार बना कर तीन लेखकों ने इस फिल्म की पटकथा तैयार की है जिसमें इंसानी जीवन और दुनियावी पेचीदगियों के बारे में बातें हैं। लेकिन इस फिल्म के साथ दिक्कत यही है कि इसमें बातें ही बातें हैं। हालांकि ये बातें बुरी नहीं हैं और इन्हें ध्यान से सुना जाए तो ये कुछ बताती-सिखाती ही हैं।

Sky Force
Action, Thriller (Hindi)
उड़ते शेरों का शौर्य दिखाती ’स्काई फोर्स’
Sat, January 25 2025
पहले एक सच्ची कहानी सुन लीजिए। 1965 में हुई भारत-पाकिस्तान की जंग में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के भीतर तक घुस कर उनके सरगोधा एयर-बेस को न सिर्फ बुरी तरह तबाह कर दिया था बल्कि अमेरिका से उन्हें तोहफे में मिले बहुत सारे लड़ाकू जहाजों को भी नष्ट कर दिया था जबकि वे जहाज भारत के लड़ाकू जहाजों से कई गुना बेहतर थे। इस अभियान में एक भारतीय लड़ाकू विमान भी नष्ट हो गया था और उसका पायलट लापता। वायु सेना ने उस पायलट ए.बी. देवैया को ’मिसिंग इन एक्शन’ घोषित कर दिया लेकिन उसके करीबी विंग कमांडर तनेजा को हमेशा लगता रहा कि वह पायलट जीवित है। क्या हुआ था उस पायलट के साथ…? क्या वह सचमुच लापता हो गया था…? मर गया था…? या फिर…!
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