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Deepak Dua

Independent Film Journalist & Critic

Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.

A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra

All reviews by Deepak Dua

Image of scene from the film Vibe
Director:Kunal Kemmu
Cast:Preity Zinta, Kunal Kemmu, Sparsh Shrivastava, Vanshika Dhir, Dinesh Lal Yadav Nirahua, Yashpal Sharma, Sharmila Tagore, Aditya Kulshreshtha
Writer:Kunal Kemmu

Vibe

Action, Comedy, Drama (Hindi)
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वाइब्स ही तो नहीं है इस ‘वाइब’ में

Sat, September 19 2026

इस फिल्म (Vibe) को एक्शन-थ्रिलर-कॉमेडी कह कर बेचा जा रहा है तो सबसे पहले एक थ्रिलर वाला देखिए-भारत की एक खुफिया एजेंसी अगले हफ्ते थाईलैंड जा रहे दो साधारण लड़कों को एक मिशन सौंपती है। एजेंसी की हैड कहती है-‘हम कोशिश करेंगे कि हमारी दो साल की ट्रेनिंग तुम्हें एक हफ्ते में करा सकें।’ इस बचकानी बात के बाद बाकायदा कोशिश की भी जाती है और इस कोशिश में उन दोनों मरगिल्ले लड़कों को जिम में कसरतें करवाई जाती हैं गोया कि विलेन थाईलैंड में इनसे बाल्टियां भरवाएगा। सोचिए कि इतनी मरगिल्ली प्लानिंग लेकर जा रहे लड़कों के इस मिशन में कैसा थ्रिल होगा? अब कॉमेडी वाला सीन देखिए-हवाई जहाज में बैठे इन लड़कों में से एक अचार के साथ थेपले खा रहा है। दूसरा लड़का कहता है-‘यह ठीक है, वे गोलियां मारेंगे, तू पाद मारियो।’ सोचिए कि इतनी सड़ी हुई कॉमेडी देख कर आपको कितनी हंसी आएगी?

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Image of scene from the film Ghamasaan
Director:Tigmanshu Dhulia
Cast:Pratik Gandhi, Arshad Warsi, Ishita Dutta, Rajpal Yadav, Jatin Goswami, Deepraj Rana, Pankaj Saraswat, Anurag Thakur, Paritosh Sand, Kumar Kanchan Ghosh
Writer:Ram Yash Singh, Piyush Singh

Ghamasaan

Thriller, Action (Hindi)
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उम्मीदों का एनकाऊंटर करती ‘घमासान’

Sun, September 13 2026

मध्य भारत के डकैतों की बात होती है तो चंबल नदी के आसपास के बीहड़ वाले डाकू (ओह सॉरी, बीहड़ में बागी होत हैं, डकैत होत हैं पार्लामैंट में) ही याद आते हैं। यही कारण है कि किसी ज़माने में कुख्यात रहे डकैत ददुआ यानी शिव कुमार पटेल को भी चंबल से जोड़ लिया जाता है जबकि उसका इलाका उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में माणिकपुर के आसपास का पाठा (पठारी) क्षेत्र था। कभी बीहड़ की फूलन देवी पर बनी कमाल की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ से जुड़े रहे और वहीं के पान सिंह तोमर पर ‘पान सिंह तोमर’ नाम से एक उम्दा फिल्म दे चुके फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया अब पाठा के ददुआ पर यह फिल्म ‘घमासान’ (Ghamasaan) लेकर आए हैं। मगर क्या यह फिल्म उन दो फिल्मों की तरह शानदार बन पाई है? आइए देखते हैं।

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Image of scene from the film Haiwaan
Director:Priyadarshan
Cast:Akshay Kumar, Saif Ali Khan, Boman Irani, Shriya Pilgaonkar, Saiyami Kher, Rajpal Yadav, Sharib Hashmi, Rajesh Sharma, Manoj Joshi, Asrani

Haiwaan

Crime, Thriller (Hindi)
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बोरियत का सामान ‘हैवान’

Sat, September 12 2026

श्रीराम राघवन की फिल्म ‘अंधाधुन’ में एक अंधा पियानो प्लेयर एक खून होते हुए ‘देख’ लेता है। अब अंधा आदमी ‘देख’ कैसे सकता है? और यहीं से शुरू होती है छल, कपट और धोखे की एक अंधी दौड़ जिसमें कोई भी पाक-साफ नहीं है। प्रियदर्शन की इस फिल्म ‘हैवान’ में एक बिल्डिंग के अंधे मैंटेनेंस मैनेजर की जज साहब को मारने वाले एक खूनी से हाथापाई हुई है। वह उसे सूंघ कर पहचान लेता है लेकिन पुलिस उस अंधे को ही खूनी माने बैठी है। कैसे निकलेगा वह इस आरोप से? कैसे पकड़ा जाएगा वह खूनी? वह खून कर ही क्यों रहा है? क्यों वह ऐसा हैवान बना हुआ है जो अपने बदले की आग में मासूमों की जान लिए जा रहा है? सवाल कई हैं, जवाब यह फिल्म देती है। मगर क्या ये जवाब हज़म होने लायक हैं? आइए देखते हैं।

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Image of scene from the film Last Man in Tower
Director:Ben Rekhi
Cast:Manoj Bajpayee, Divya Dutta, Boman Irani, Sukant Goel, Chandan Roy Sanyal, Ujjwal Chopra, Swaroopa Ghosh, Uday Chandra, Madhuri Bhatia, Shrikant Yadav

Last Man in Tower

Drama (Hindi)
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सही और गलत के बीच टंगा ‘लास्ट मैन इन टॉवर’

Fri, September 11 2026

इस अनंत ब्रह्मांड में तिनके जितनी बड़ी मुंबई। उसमें तिनके से भी छोटी विश्राम सोसायटी। उस सोसायटी का एक ज़र्रा योगेश मिश्रा। लेकिन इस एक ज़र्रे की ज़िद के चलते इस सोसायटी की दुनिया थम-सी गई है। दरअसल एक बिल्डर इस सोसायटी के टॉवर गिरा कर वहां नई बिल्डिंग बनाना चाहता है। वह सबको मार्केट रेट से ज़्यादा पैसे दे रहा है। एक-एक करके सब लोग फ्लैट बेचने को राज़ी हो जाते हैं, सिवाय रिटायर्ड टीचर योगेश मिश्रा के। अब कैसे बनेगी यहां नई बिल्डिंग? मास्टरजी राज़ी होंगे या नहीं? कौन मनाएगा उन्हें और कैसे? क्या वह मान जाएंगे…? भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई लेखक-पत्रकार अरविंद अडिगा के चर्चित उपन्यास ‘द व्हाइट टाइगर’ पर इसी नाम से प्रियंका चोपड़ा और राजकुमार राव वाली फिल्म 2021 में आ चुकी है। अब आई यह फिल्म ‘लास्ट मैन इन टॉवर’ (Last Man in Tower) अरविंद के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है।

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Image of scene from the film Babita Singh Reporting
Director:Ambiecka Pandit
Cast:Nimisha Sajayan, Anshumaan Pushkar, Barun Sobti, Rajesh Kumar, Geetika Vidya, Muskan Arora, Priyanka Setia, Sunita Rajwar
Writer:Amita Vyas

Babita Singh Reporting

Crime, Drama (Hindi)
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चटक सैल्यूट के साथ ‘बबिता सिंह रिपोर्टिंग’

Fri, August 28 2026

‘इतनी स्वीट बनेगी न, तो खा जाएंगे…।’ भोपाल के एक पुलिस स्टेशन में तैनात ए.एस.आई. बबिता सिंह को उसकी साथी समझाती है। पर बबिता या तो समझना नहीं चाहती या फिर हालात उसे यह समझने नहीं दे रहे हैं। पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर उसे यह नौकरी मिली है। इसीलिए उसे कोई सीरियसली नहीं लेता है। बॉस की नज़रों में उसकी काबिलियत रीलें शूट करने और लिखा-पढ़ी के काम से ज़्यादा नहीं है और घरवालों की नज़र में वह एक ऐसी नौकरी कर रही है कि उन्हें किसी को बताते हुए भी शर्म आती है। बबिता खुद को साबित करना चाहती है-नौकरी में भी, घर पर भी। कर पाएगी वह? दो हफ्ते के लिए सस्पैंड होकर ननद की गोदभराई के लिए दो साल बाद अपने होमटाउन रीवा पहुंची बबिता को उसके बचपन का दोस्त बंसी मिलता है। वह उससे कुछ कहना चाहता है। लेकिन अगले ही दिन बंसी का कत्ल हो जाता है। कातिल भी पकड़ा गया है मगर बबिता को लगता है कि पकड़ा गया शख्स बंसी का कातिल नहीं है। कौन है कातिल? क्यों हुआ बंसी का कत्ल? क्या बबिता सच का पता लगा पाई? क्या वह खुद को साबित कर पाई या फिर…?

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Image of scene from the film Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups
Director:Geethu Mohandas
Cast:Yash, Nayanthara, Kiara Advani, Rukmini Vasanth, Huma Qureshi, Tara Sutaria, Sudev Nair, Akshay Oberoi, Balaji Manohar, Darrell D'Silva
Writer:Geethu Mohandas, Yash

Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups

Action, Crime, Drama (Kannada)
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धांय-धांय धुआं-धुआं ‘टॉक्सिक’

Thu, August 27 2026

देखो जी, सीधी-सी बात यह है कि जिस फिल्म को बनाने वालों ने अपने टीज़र, ट्रेलर, गानों और प्रचार के साथ-साथ फिल्म के नाम तक में यह बता दिया हो कि वे लोग आपको टॉक्सिक यानी ज़हरीला मनोरंजन परोसने जा रहे हैं और जिस फिल्म के नाम की टैगलाइन बड़ी साफगोई से ‘बड़ों के लिए एक परी-कथा’ होने का दावा कर रही हो उसे लेकर आप चाहे जितना मुंह बनाएं, सिर खपाएं, खून जलाएं, इससे उन लोगों को बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता जिन्हें इस किस्म की फिल्में बनानी हैं या देखनी हैं। रिलीज़ के दिन सुबह-सुबह के पहले शो में लगभग पूरे भरे हुए थिएटर में मेरे बगल में बैठे शख्स ने बताया कि रात की बस पकड़ कर आज सुबह उत्तराखंड से दिल्ली लौटा हूं और घर जाने की बजाय पहले थिएटर में आया हूं। क्यों? जवाब मिला-‘रॉकी भाई की फिल्म तो देखनी ही थी न।’ लो कर लो अब रिव्यू।

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Image of scene from the film Dial 1975
Director:Navneet Behal, Vibhu Kashyap
Cast:Kay Kay Menon, Kirti Kulhari, Pravessh Rana, Vishwanath Chatterjee

Dial 1975

Thriller, Drama (Hindi)
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‘डायल 1975’ फोर कन्फ्यूज़न

Fri, August 21 2026

इस फिल्म ‘डायल 1975’ की कहानी कुछ यूं है कि… यार, मैं न बता रहा कहानी। पूरी फिल्म देख ली, इत्ती लंबी और उलझी हुई कहानी है कि देखने में माथा खराब हो गया, अब बताने में भी होगा। एक काम कीजिए, खुद ही ट्रेलर में देख लीजिए, अगर वह भी समझ में आ जाए तो। हां तो, अब आपकी समझ में आ गया होगा कि… बताइए क्या समझ में आया? नहीं आया न कुछ? चलिए मैं कोशिश करता हूं। जून 1975 में तब की ताकतवर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत में इमरजैंसी लगवा दी थी। उन दिनों हर तरफ नज़र रखी जा रही थी, फोन-शोन रिकॉर्ड हो रहे थे, ऐसे में एक फोन-कॉल रिकॉर्ड होता है कि जर्मनी से एक ब्रीफकेस आ रहा है जिसमें आने वाले ज़माने का एक यंत्र है। इसकी डील चार लाख रुपए में एक होटल में होगी। अब बहुत सारे लोग इस डील के आगे-पीछे घूम रहे हैं। किसी को उस कॉल-रिकॉर्डिंग की टेप चाहिए, किसी को वह ब्रीफकेस, किसी को चार लाख रुपए तो किसी और को कुछ और। इन सारी चाहतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग लोग, अलग-अलग लोगों को ज़िम्मेदारी देते हैं और ये अलग-अलग लोग बहुत सारे अलग-अलग लोगों को मारे जा रहे हैं।

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Image of scene from the film Batwara 1947
Director:Rajkumar Santoshi
Cast:Sunny Deol, Preity Zinta, Shabana Azmi, Ali Fazal, Karan Deol, Abhimanyu Singh, Kanikka Kapur, Khushi Hajare, Mithun Chakraborty, Mona Singh

Batwara 1947

Action, Drama, War (Hindi)
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इंसानियत की बात ‘बंटवारा 1947’ में

Sat, August 15 2026

1947 में हुए देश के बंटवारे के समय हर तरफ मची मारकाट के बीच मेरठ का सिकंदर मिर्ज़ा किसी तरह बच-बचाकर अपने परिवार के साथ लाहौर पहुंचा। कुछ दिन बाद उसे किसी हिन्दू की छोड़ी एक हवेली भी अलॉट हो गई। पर उस हवेली में तो उस हिन्दू की मां छुपकर बैठी थी, अपने बेटे के इंतज़ार में। शुरुआती ना-नुकर के बाद सिकंदर के परिवार ने तो उस औरत से तालमेल बिठा लिया लेकिन मज़हब और सियासत के कुछ ठेकेदारों को यह मंज़ूर नहीं हुआ। और फिर एक दिन…! यह कहानी दरअसल हिन्दी के मशहूर लेखक असगर वजाहत के 1989 में लिखे गए एक नाटक ‘जिस लाहौर नइ देख्या ओ जम्याइ नइ’ (जिसने लाहौर नहीं देखा वह पैदा ही नहीं हुआ) की है जो देश-दुनिया में काफी लोकप्रिय हुआ। किसी ज़माने में पंजाबी में यह कहावत कही जाती थी क्योंकि उस समय का लाहौर शहर अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास, भव्यता, मेल-जोल वाली जीवन शैली आदि के लिए जाना जाता था और यह माना जाता था कि जिसने यह शहर नहीं देखा, उसका कोई वजूद ही नहीं है। लेकिन इसी शहर में बंटवारे के दिनों में कुछ लोगों ने इतिहास पर पानी फेरा था, संस्कृति का कत्ल किया था, भव्यता को उजाड़ा था और मेल-जोल की भावना को मिट्टी में मिलाया था। उसी लाहौर का चित्रण असगर वजाहत ने अपने इस नाटक में किया था जिसका नाम अपने-आप में एक व्यंग्य था। उसी कहानी को राजकुमार संतोषी अपनी इस फिल्म में लेकर आए हैं।

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