
Deepak Dua
Independent Film Journalist & Critic
Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.
A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra
All reviews by Deepak Dua

| Director: | Ambiecka Pandit |
|---|---|
| Cast: | Nimisha Sajayan, Anshumaan Pushkar, Barun Sobti, Rajesh Kumar, Geetika Vidya, Muskan Arora, Priyanka Setia, Sunita Rajwar |
| Writer: | Amita Vyas |
Babita Singh Reporting
Crime, Drama (Hindi)
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चटक सैल्यूट के साथ ‘बबिता सिंह रिपोर्टिंग’
Fri, August 28 2026
‘इतनी स्वीट बनेगी न, तो खा जाएंगे…।’ भोपाल के एक पुलिस स्टेशन में तैनात ए.एस.आई. बबिता सिंह को उसकी साथी समझाती है। पर बबिता या तो समझना नहीं चाहती या फिर हालात उसे यह समझने नहीं दे रहे हैं। पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर उसे यह नौकरी मिली है। इसीलिए उसे कोई सीरियसली नहीं लेता है। बॉस की नज़रों में उसकी काबिलियत रीलें शूट करने और लिखा-पढ़ी के काम से ज़्यादा नहीं है और घरवालों की नज़र में वह एक ऐसी नौकरी कर रही है कि उन्हें किसी को बताते हुए भी शर्म आती है। बबिता खुद को साबित करना चाहती है-नौकरी में भी, घर पर भी। कर पाएगी वह? दो हफ्ते के लिए सस्पैंड होकर ननद की गोदभराई के लिए दो साल बाद अपने होमटाउन रीवा पहुंची बबिता को उसके बचपन का दोस्त बंसी मिलता है। वह उससे कुछ कहना चाहता है। लेकिन अगले ही दिन बंसी का कत्ल हो जाता है। कातिल भी पकड़ा गया है मगर बबिता को लगता है कि पकड़ा गया शख्स बंसी का कातिल नहीं है। कौन है कातिल? क्यों हुआ बंसी का कत्ल? क्या बबिता सच का पता लगा पाई? क्या वह खुद को साबित कर पाई या फिर…?

| Director: | Geethu Mohandas |
|---|---|
| Cast: | Yash, Nayanthara, Kiara Advani, Rukmini Vasanth, Huma Qureshi, Tara Sutaria, Sudev Nair, Akshay Oberoi, Balaji Manohar, Darrell D'Silva |
| Writer: | Geethu Mohandas, Yash |
Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups
Action, Crime, Drama (Kannada)
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धांय-धांय धुआं-धुआं ‘टॉक्सिक’
Thu, August 27 2026
देखो जी, सीधी-सी बात यह है कि जिस फिल्म को बनाने वालों ने अपने टीज़र, ट्रेलर, गानों और प्रचार के साथ-साथ फिल्म के नाम तक में यह बता दिया हो कि वे लोग आपको टॉक्सिक यानी ज़हरीला मनोरंजन परोसने जा रहे हैं और जिस फिल्म के नाम की टैगलाइन बड़ी साफगोई से ‘बड़ों के लिए एक परी-कथा’ होने का दावा कर रही हो उसे लेकर आप चाहे जितना मुंह बनाएं, सिर खपाएं, खून जलाएं, इससे उन लोगों को बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता जिन्हें इस किस्म की फिल्में बनानी हैं या देखनी हैं। रिलीज़ के दिन सुबह-सुबह के पहले शो में लगभग पूरे भरे हुए थिएटर में मेरे बगल में बैठे शख्स ने बताया कि रात की बस पकड़ कर आज सुबह उत्तराखंड से दिल्ली लौटा हूं और घर जाने की बजाय पहले थिएटर में आया हूं। क्यों? जवाब मिला-‘रॉकी भाई की फिल्म तो देखनी ही थी न।’ लो कर लो अब रिव्यू।

| Director: | Navneet Behal, Vibhu Kashyap |
|---|---|
| Cast: | Kay Kay Menon, Kirti Kulhari, Pravessh Rana, Vishwanath Chatterjee |
Dial 1975
Thriller, Drama (Hindi)
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‘डायल 1975’ फोर कन्फ्यूज़न
Fri, August 21 2026
इस फिल्म ‘डायल 1975’ की कहानी कुछ यूं है कि… यार, मैं न बता रहा कहानी। पूरी फिल्म देख ली, इत्ती लंबी और उलझी हुई कहानी है कि देखने में माथा खराब हो गया, अब बताने में भी होगा। एक काम कीजिए, खुद ही ट्रेलर में देख लीजिए, अगर वह भी समझ में आ जाए तो। हां तो, अब आपकी समझ में आ गया होगा कि… बताइए क्या समझ में आया? नहीं आया न कुछ? चलिए मैं कोशिश करता हूं। जून 1975 में तब की ताकतवर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत में इमरजैंसी लगवा दी थी। उन दिनों हर तरफ नज़र रखी जा रही थी, फोन-शोन रिकॉर्ड हो रहे थे, ऐसे में एक फोन-कॉल रिकॉर्ड होता है कि जर्मनी से एक ब्रीफकेस आ रहा है जिसमें आने वाले ज़माने का एक यंत्र है। इसकी डील चार लाख रुपए में एक होटल में होगी। अब बहुत सारे लोग इस डील के आगे-पीछे घूम रहे हैं। किसी को उस कॉल-रिकॉर्डिंग की टेप चाहिए, किसी को वह ब्रीफकेस, किसी को चार लाख रुपए तो किसी और को कुछ और। इन सारी चाहतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग लोग, अलग-अलग लोगों को ज़िम्मेदारी देते हैं और ये अलग-अलग लोग बहुत सारे अलग-अलग लोगों को मारे जा रहे हैं।

| Director: | Rajkumar Santoshi |
|---|---|
| Cast: | Sunny Deol, Preity Zinta, Shabana Azmi, Ali Fazal, Karan Deol, Abhimanyu Singh, Kanikka Kapur, Khushi Hajare, Mithun Chakraborty, Mona Singh |
Batwara 1947
Action, Drama, War (Hindi)
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इंसानियत की बात ‘बंटवारा 1947’ में
Sat, August 15 2026
1947 में हुए देश के बंटवारे के समय हर तरफ मची मारकाट के बीच मेरठ का सिकंदर मिर्ज़ा किसी तरह बच-बचाकर अपने परिवार के साथ लाहौर पहुंचा। कुछ दिन बाद उसे किसी हिन्दू की छोड़ी एक हवेली भी अलॉट हो गई। पर उस हवेली में तो उस हिन्दू की मां छुपकर बैठी थी, अपने बेटे के इंतज़ार में। शुरुआती ना-नुकर के बाद सिकंदर के परिवार ने तो उस औरत से तालमेल बिठा लिया लेकिन मज़हब और सियासत के कुछ ठेकेदारों को यह मंज़ूर नहीं हुआ। और फिर एक दिन…! यह कहानी दरअसल हिन्दी के मशहूर लेखक असगर वजाहत के 1989 में लिखे गए एक नाटक ‘जिस लाहौर नइ देख्या ओ जम्याइ नइ’ (जिसने लाहौर नहीं देखा वह पैदा ही नहीं हुआ) की है जो देश-दुनिया में काफी लोकप्रिय हुआ। किसी ज़माने में पंजाबी में यह कहावत कही जाती थी क्योंकि उस समय का लाहौर शहर अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास, भव्यता, मेल-जोल वाली जीवन शैली आदि के लिए जाना जाता था और यह माना जाता था कि जिसने यह शहर नहीं देखा, उसका कोई वजूद ही नहीं है। लेकिन इसी शहर में बंटवारे के दिनों में कुछ लोगों ने इतिहास पर पानी फेरा था, संस्कृति का कत्ल किया था, भव्यता को उजाड़ा था और मेल-जोल की भावना को मिट्टी में मिलाया था। उसी लाहौर का चित्रण असगर वजाहत ने अपने इस नाटक में किया था जिसका नाम अपने-आप में एक व्यंग्य था। उसी कहानी को राजकुमार संतोषी अपनी इस फिल्म में लेकर आए हैं।

| Director: | Amit Rai |
|---|---|
| Cast: | Shreedhar Dubey, Pankaj Tripathi, Rajesh Kumar, Pavan Malhotra, Geeta Agrawal Sharma, Jitendra Joshi, Bullu Kumar, Sulakshana Baruah |
| Writer: | Amit Rai |
Ohh My Dog
Drama, Family (Hindi)
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सबके साथ देखिए ‘ओह माई डॉग’
Fri, August 7 2026
कहानी-1-असम में एक किशोर अपू का कुत्ता मोमो अचानक गायब हो गया है। पुलिस अंकल का कहना है कि कुछ लोगों को कुत्तों का मांस पसंद है इसलिए इस इलाके से कुत्तों की स्मगलिंग हो रही है। लेकिन तेज दिमाग वाला अपू हार नहीं मानता और आधुनिक तकनीक के सहारे मोमो को तलाशने निकल पड़ता है। कहानी-2-बिहार में एक किशोर श्रमिक प्रिंस अचानक गायब हो गया है। पुलिस का कहना है कि होगा यहीं कहीं, कल तक आ जाएगा। लेकिन तेज दिमाग वाला उसका कुत्ता ऑस्कर हार नहीं मानता और अपने साहस व बुद्धि के सहारे प्रिंस को तलाशने निकल पड़ता है।

| Director: | Oni Sen |
|---|---|
| Cast: | Dia Mirza, Jimmy Shergill, Siddharth, Abhay Verma, Mihir Ahuja, Taaruk Raina, Arnav Bhasin, Prajakta Koli, Adil Hussain, Vinay Pathak |
Operation Safed Sagar
Drama (Hindi)
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शौर्य और दुस्साहस की गाथा ‘ऑपरेशन सफेद सागर’
Fri, August 7 2026
कारगिल वॉर के दौरान उड़ान भरने को आतुर एक फाइटर पायलट को उसका कमांडर यह कह कर रोकने की कोशिश करता है कि उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है। वह युवा पायलट, जिसे यह खबर अभी-अभी मिली, पल भर को रुकता है और कहता है, ‘यह मेरा पर्सनल मैटर है सर, यह मुझे उड़ने से रोकने का कारण नहीं हो सकता।’ सोचिए, क्या तो जज़्बा रहता है हमारे जवानों में। मालूम है कि दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक पहाड़ियों पर आ जमे शत्रुओं पर रात के अंधेरे में घने बादलों से गुज़रते हुए बम बरसाते समय उनकी जान भी जा सकती है लेकिन वे रुके नहीं, थके नहीं। यही बात हमारी सेना को अलग बनाती है। इस बात का यथार्थ चित्रण इस वेब-सीरिज़ ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ (Operation Safed Sagar) को उन फिल्मों से अलग बनाता है जिनमें एयरफोर्स वाले ‘फिल्मी’ कारनामे करते दिखाई देते हैं।

| Director: | Ravinder Siwatch |
|---|---|
| Cast: | Annu Kapoor, Rukhsar Rehman, Brijendra Kala, Pavan Malhotra, Ishtiyak Khan, Jeeveshu Ahluwalia, Rajendra Sethi, Sumit Gulati, Nitin Arora |
| Writer: | Ravinder Siwatch |
Uttar Da Puttar
Comedy (Hindi)
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साफ-सुथरा मनोरंजन
Sat, July 25 2026
साई राम टुटेजा फिज़िक्स पढ़ाते हैं लेकिन वास्तुशास्त्र और ज्योतिष आदि पर उनका अटूट विश्वास है। वह एक परफैक्ट 90 डिग्री उत्तर दिशा वाला मकान खरीदने के लिए भटक रहे हैं। काफी मशक्कत के बाद उन्हें ऐसा एक प्लॉट मिलता है जिस पर वह मकान बनवा भी लेते हैं। पर जहां उस मकान पर कई दूसरे लोगों की नज़र है वहीं भ्रष्ट सरकारी अफसर भी बीच में फच्चर फंसा रहे हैं। ऐसे में साई राम क्या करेंगे? सहारा लेंगे अपने विश्वास का या फिर चलेंगे तिकड़म भरी कोई चाल? यह फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ (Uttar Da Puttar) इन्हीं सब बातों को हल्के-फुल्के ढंग से देखती और दिखाती है।

| Director: | Indra Kumar |
|---|---|
| Cast: | Ajay Devgn, Arshad Warsi, Riteish Deshmukh, Javed Jaffrey, Sanjay Mishra, Ravi Kishan, Upendra Limaye, Anjali Anand, Sanjeeda Sheikh, Esha Gupta |
Dhamaal 4
Comedy (Hindi)
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‘धमाल 4’ में मिलेगा कॉमेडी का खज़ाना…?
Sat, July 11 2026
2007 में आई पहली वाली ‘धमाल’ में गोआ के एक पार्क में ‘डब्ल्यू’ आकार में खड़े पेड़ों के नीचे खज़ाना दबा था। इस बार एक वीरान टापू में ‘एम’ आकार में खड़ी पहाड़ियों के नीचे खज़ाना है। खज़ाना भी किसका, सौ साल पहले एक डाकू शैतान सिंह का जो वह अंग्रेज़ों से लूटा करता था। अब इस खज़ाने को खोजने निकली हैं तीन टीमें-गुड्डू और जॉनी, आदि और मानव व आदि की पत्नी, लल्लन और उसकी पत्नी। साथ ही इनके पीछे पड़े हैं डाकू अधूरा और उसके साथी। इस सफर में हैं ढेरों मुसीबतें, उनसे बचने की कसरतें और इन सब की लल्लुआना हरकतें। ज़ाहिर है मकसद आपको हंसाना है, ठहाके लगवाना है। ‘धमाल’ सीरिज़ की फिल्में दर्शकों को किसी वीडियोगेम या कार्टून कॉमिक्स के भीतर ले जाती रही हैं। एक ऐसा संसार जहां फिज़िक्स-कैमिस्ट्री के नियमों की धज्जियां उड़ा कर उनसे हास्य उपजाया जाता है। किसी ने घर की घंटी बजाई और उससे आने वाले करंट ने बंदे का तंदूरी मुर्गा बना दिया या किसी के बम में चाकू घुसने के बावजूद खून न निकलना जैसे ये सीन हमें डोनाल्ड डक, मिकी माउस या टॉम एंड जैरी की दुनिया में ले जाते हैं। उनमें जो होता है वह कहीं से भी तार्किक नहीं लगता, लेकिन उसे देख कर आप हंसते हैं, ठहाके लगाते हैं, आपको मज़ा आता है और आपका दिल-दिमाग हल्का होता है। यह फिल्म भी आपको वही मज़ा देती है। बस, बच्चे बन जाइएगा इसे देखते हुए।
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