
Deepak Dua
Independent Film Journalist & Critic
Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.
A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra
All reviews by Deepak Dua

| Director: | Manoj Tapadia |
|---|---|
| Cast: | Kangana Ranaut, Girija Oak, Smita Tambe, Esha Dey, Asha Shelar, Suhita Thatte, Rasika Agashe, Prasad Oak, Aditya Mishra, Vijay Gokhale |
| Writer: | Manoj Tapadia |
Bharat Bhhagya Viddhaata
Drama, Thriller (Hindi)
हम, आप, सब हैं ‘भारत भाग्य विधाता’
Fri, June 12 2026
ड्यूटी फर्स्ट…! बस यह कहा और निकल गई काम पर। बीमार बच्चे को छोड़, अधूरा खाना छोड़, आधी नींद छोड़, फुनफुनाती सास को छोड़, भुनभुनाते पति को छोड़, खुद अपनी खराब तबियत को पीछे छोड़ वह पहुंची अस्पताल और यूनिफॉर्म पहनते ही उसके भीतर आ गई सुपर पॉवर। जी हां, यह होती है नर्स। ऐसी ही एक सुपर नर्स अंजलि कुल्थे और उन जैसे कई कर्मठ कर्मियों के साहस को सलाम करने आई है यह फिल्म जो न सिर्फ पूछती है बल्कि बताती भी है कि कौन हैं हमारे असली ‘भारत भाग्य विधाता’। 26 नवंबर, 2008 की उस मनहूस रात मुंबई की छाती को ज़ख्मी करने आए दस पाकिस्तानी आतंकियों में से दो इस्माइल खान व अजमल कसाब कामा अस्पताल में भी जा घुसे थे। तब महिलाओं और बच्चों के इस अस्पताल के स्टाफ ने साहस का परिचय देते हुए सारे मरीजों को यहां-वहां छुपा कर वार्ड के ताले व बत्तियां बंद कर उन्हें बचाया था। इसी स्टाफ में थीं नर्स अंजलि कुल्थे जिन्होंने उस रात न सिर्फ 20 गर्भवती महिलाओं को बचाया बल्कि बाद में ज़िंदा पकड़े गए एकमात्र आतंकी अजमल कसाब को पहचानने में पुलिस की मदद भी की थी। इस फिल्म की नर्स गीता का किरदार उन्हीं अंजलि से प्रेरित है।
| Director: | David Dhawan |
|---|---|
| Cast: | Varun Dhawan, Mrunal Thakur, Pooja Hegde, Maniesh Paul, Chunky Panday, Jimmy Shergill, Mouni Roy, Rakesh Bedi, Kubbra Sait, Rajesh Kumar |
Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai
Romance, Comedy (Hindi)
दो बेबी और एक शोना है-‘है जवानी तो इश्क होना है’
Sat, June 6 2026
इस किस्म की फिल्में दर्शकों के दिमाग के लिए नहीं बल्कि उससे नीचे के अंगों के लिए बनाई जाती हैं। इसे देखिए आंखों को गर्माने के लिए, दिल को धड़काने के लिए और बदन को फड़काने के लिए। सवाल उठाने या खून जलाने के लिए नहीं...
शादी को पांच साल हुए। जस को बच्चा चाहिए, बानी को नहीं। तलाक की नौबत। जस आगे बढ़ गया। उसे प्रीति मिली। एक दिन पता चला कि प्रीति मां बनने वाली ह-जस के बच्चे की। अचानक बानी वापस आ गई। वह भी मां बनने वाली है-जस के बच्चे की। अब जस बेचारा डबल रोल खेल रहा है। कभी प्रीति कभी बानी के बीच झूल रहा है। इस झोलझाल में और भी कई किरदार आ-आकर अपनी पींगें बढ़ा रहे हैं। क्या होगा जस का? बानी के पास जाएगा या प्रीति के? या फिर…? जिन दर्शकों ने डेविड धवन की फिल्में देखी हैं उन्हें मालूम है कि डेविड किस किस्म का सिनेमा बनाते हैं। उनके सिनेमा में दिमाग को टैंशन मुक्त करके एन्जॉय वाले मोड में डाला जाता है, तर्क और सवाल उठाने वाली नसों को ढीला छोड़ा जाता है, पलकों को झपकाए बिना पर्दे पर तेज रफ्तार से आ रहे रंग-बिरंगे नजारों से आंखों को सेंका जाता है, कानों को खुला रखा जाता है ताकि चुलबुली बातें मिस न हो जाएं और साथ ही कदमों व सिर को गानों के साथ थिरकाया जाता है। तो लो जी मुबारक हो, डेविड धवन के सिग्नेचर स्टाइल वाला वही सिनेमा एक बार फिर आपके सामने है।
| Director: | Suresh Triveni |
|---|---|
| Cast: | Madhuri Dixit, Triptii Dimri, Ravi Kishan, Dharna Durga, Jatin Sarna, Geetanjali Kulkarni, Arunoday Singh, Shardul Bhardwaj |
Maa Behen
Comedy, Thriller (Hindi)
खलबली मचातीं ‘मां बहन’
Sat, June 6 2026
सभ्य लोगों की कॉलोनी में रहने वाली अकेली विधवा रेखा जी को कॉलोनी की औरतें ‘चालू’ समझती हैं और मर्द प्यासी नज़रों से देखते हैं। खासकर पड़ोसी गुप्ता जी के परिवार की नज़र में तो वह ‘डायन’ हैं। गुप्ता जी के घर में शादी है और एक रात वह रेखा जी के घर में आकर ‘मर’ गए हैं। अब रेखा और उनकी बेटियों जया व सुषमा को यह ‘लाश’ ठिकाने लगानी हैं। लेकिन कभी आ जाती हैं गुप्ताइन जी, कभी आ जाते हैं गुप्ता जी के साले दारोगा जी तो कभी रेखा के दामाद जी। अब भयंकर वाला कांड हुआ है और उसे छुपाना भी है तो खलबली तो मचेगी ही। लेकिन इस खलबली के पीछे का सच क्या है...?
सभ्य लोगों की कॉलोनी में रहने वाली अकेली विधवा रेखा जी को कॉलोनी की औरतें ‘चालू’ समझती हैं और मर्द प्यासी नज़रों से देखते हैं। खासकर पड़ोसी गुप्ता जी के परिवार की नज़र में तो वह ‘डायन’ हैं। गुप्ता जी के घर में शादी है और एक रात वह रेखा जी के घर में आकर ‘मर’ गए हैं। अब रेखा और उनकी बेटियों जया व सुषमा को यह ‘लाश’ ठिकाने लगानी हैं। लेकिन कभी आ जाती हैं गुप्ताइन जी, कभी आ जाते हैं गुप्ता जी के साले दारोगा जी तो कभी रेखा के दामाद जी। अब भयंकर वाला कांड हुआ है और उसे छुपाना भी है तो खलबली तो मचेगी ही। लेकिन इस खलबली के पीछे का सच क्या है? क्या गुप्ता जी सचमुच ‘मरे’ हैं? गुप्ता जी वहां आए ही क्यों थे? क्या रेखा जी सचमुच ‘डायन’ हैं? क्या रेखा, जया और सुषमा अपने परिवार पर लगे दागों को धोकर सफेदी की चमकार वापस ला पाएंगी?
| Director: | Manish Saini |
|---|---|
| Cast: | Jackie Shroff, Prateik Smita Patil, Bhagyashree, Mihir Godbole, Durgesh Kumar, Saharsh Kumar Shukla, Kumar Saurabh, Sharat Saxena, Tiger Shroff, Upendra Limaye |
| Writer: | Manish Saini |
The Great Grand Superhero: Aliens Ka Aagaman
Comedy, Family, Drama (Hindi)
एलियन्स का इंतजार करता ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपर हीरो’
Fri, May 29 2026
अपने बचपन में यार-दोस्तों के बीच गप्पें हर किसी ने उड़ाई हैं। ऐसी बातें, जो सच नहीं हैं लेकिन उन्हें सच्चाई के रैपर में लपेट कर हम सब ने मज़े लिए हैं। इस फिल्म में दीपू यही कर रहा है। उसे नई जगह पर नए दोस्त बनाने हैं, उन पर रौब जमाना है। लेकिन यहां ट्विस्ट तब आता है जब ‘एलियन्स’ सचमुच आ जाते हैं और...
एक छोटे-से शहर के स्कूल की छठी क्लास में नया आया दीपू अपनी धमक बनाने के लिए गप्प उड़ा देता है कि उसके दादा सुपर हीरो हैं और एलियन्स के साथ उनका मिलना-भिड़ना चलता रहता है। अधिकांश बच्चे उसकी बात मान लेते हैं तो कुछ बच्चे सत्य की खोज में सवाल भी उठाते हैं कि सुपर हीरो हैं तो पॉवर दिखाएं। दीपू सभी को यह कह कर बरगलाता है कि जब एलियन्स आएंगे तो दादा में पॉवर आएगी। और एक दिन ‘एलियन्स’ सचमुच आ जाते हैं और फिर…! अभी तक चार गुजराती फीचर फिल्में और एक हिन्दी शॉर्ट फिल्म बना कर तीन राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके फिल्मकार मनीष सैनी की इस पहली हिन्दी फीचर फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपर हीरो-एलियन्स का आगमन’ (The Great Grand Superhero: Aliens Ka Aagman) की कहानी का पूरा प्लॉट ही दिलचस्प है। एक संवाद देखिए-‘जब रात को एलियन बच्चे सोते नहीं हैं न, तो उनकी मां उनसे कहती है कि बेटा सो जा, नहीं तो ग्रेट ग्रैंड सुपर हीरो आ जाएगा।’
| Director: | Ashwiny Iyer Tiwari |
|---|---|
| Cast: | Sonakshi Sinha, Jyothika, Ashutosh Gowariker, Adinath Kothare, Aashriya Mishra, Gaurav Pandey, Sayandeep Gupta, Preeti Agarwal Mehta, Vijayant Kohli, Diwanshu Gambhir |
| Writer: | Arun Sukumar, Harman Baweja, Ashwiny Iyer Tiwari, Tasneem Lokhandwala |
System
Thriller (Hindi)
सिस्टम के छेद दिखाती ‘सिस्टम’ में छेद
Fri, May 22 2026
यह कोई थ्रिलर फिल्म नहीं है जिस पर तर्कों की उंगलियां उठाई जाएं लेकिन यह बात तो लेखक-निर्देशक को समझनी चाहिए कि जब आप हमें थ्रिलर स्टाइल में कहानी परोस रहे हो तो उसमें लॉजिक का तड़का तो लगेगा ही न...!
‘किसी ने जुर्म किया है या नहीं, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर वह जुर्म साबित किया जा सकता है तो वह दोषी है, वरना नहीं।’ इस संवाद के इर्दगिर्द बुनी गई इस फिल्म की कहानी दरअसल हमारे कानूनी सिस्टम के उन छेदों को दिखाने का काम करती है जिसमें कभी कोई बेकसूर शख्स इसलिए सज़ा पा लेता है क्योंकि सबूत उसके खिलाफ होते हैं, तो कभी कोई कसूरवार इसलिए छूट जाता है क्योंकि गवाह और सबूत उसके खिलाफ होते हैं। दिल्ली के नामी वकील रवि राजवंश बड़े-बड़े केस चुटकी बजाते जीत जाते हैं। उनकी बेटी नेहा राजवंश सरकारी वकील है और अक्सर हारती रहती है। पिता-बेटी में डील होती है कि नेहा लगातार दस केस जीते तो रवि उसे अपना पार्टनर बना लेगा। नेहा एक-एक कर नौ केस जीत भी लेती है। तभी आता है एक ऐसा हाई प्रोफाइल केस जिसमें उसे अपने पिता के खिलाफ ही खड़े होना है। क्या जीत पाएगी वह यह केस? और इससे भी बड़ा सवाल-जीतना ज़्यादा ज़रूरी है या इंसाफ दिलवाना?
| Director: | Mudassar Aziz |
|---|---|
| Cast: | Ayushmann Khurrana, Wamiqa Gabbi, Rakul Preet Singh, Sara Ali Khan, Vijay Raaz, Tigmanshu Dhulia, Ayesha Raza Mishra, Vishal Vashishtha, Durgesh Kumar, Deepika Amin |
Pati Patni Aur Woh Do
Comedy (Hindi)
‘पति पत्नी और’ बिना मसाले की ‘वो दो’
Sat, May 16 2026
दिसंबर, 2019 में आई मुदस्सर अज़ीज़ की ‘पति पत्नी और वो’ असल में 1978 में आई दिग्गज निर्देशक बी.आर. चोपड़ा की फिल्म ’पति पत्नी और वो’ का रीमेक थी। मूल फिल्म में संजीव कुमार, विद्या सिन्हा और रंजीता थे जबकि 2019 वाली फिल्म में कानपुर में सरकारी नौकरी कर रहा इंजीनियर कार्तिक आर्यन अपनी पत्नी भूमि पेढनेकर से छुपा कर अनन्या पांडेय से अफेयर कर रहा था। यह रीमेक ओरिजनल फिल्म की तरह क्लासिक भले ही नहीं थी लेकिन मसालेदार थी, सो कामयाब भी हुई। उस फिल्म के रिव्यू में मैंने लिखा था कि अब क्लासिक फिल्में किसे चाहिएं? जब दर्शक जंक-फूड से खुश हों तो फिल्म वाले भी क्यों ज़ोर लगाएं।
| Director: | Pulkit |
|---|---|
| Cast: | Saif Ali Khan, Rasika Dugal, Sanjay Mishra, Saurabh Dwivedi, Zakir Hussain, Manish Chaudhary, Durgesh Kumar |
| Writer: | Pulkit |
Kartavya
Crime, Drama, Thriller (Hindi)
रूखा-सूखा ‘कर्तव्य’
Fri, May 15 2026
साफ लगता है कि दो चवन्नियां चिपका कर अठन्नी बनाने की कोशिश हो रही है। इन्हीं चिपकी हुई चवन्नियों को ट्रेलर में देख कर दर्शक फिल्म देखने बैठता है और जब खुद को ठगा हुआ महसूस करता है तो सोचता है काश, रिव्यू पहले पढ़ लिया होता...
एक पुलिस वाला दूसरे पुलिस वाले से कह रहा है-‘धरम करते हैं करम छूटता है, करम करते हैं धरम छूटता है। कर्तव्य तक तो बात ही नहीं पहुंचती।’ गौर करें तो यह संवाद ही अपने-आप में गलत है। कर्तव्य का अर्थ ही होता है ‘धर्मानुकूल कर्म’ यानी अपने धर्म को निभाते हुए किया गया कर्म। लेकिन हमारे फिल्मी लेखकों को तो भारी-भरकम संवाद लिखने हैं, भले ही उनका कुछ अर्थ निकले या न निकले। रही-सही कसर तब पूरी हो जाती है जब ये भारी संवाद एक हल्की कहानी और कमजोर स्क्रिप्ट में जबरन घुसाए जाते है। साफ लगता है कि दो चवन्नियां चिपका कर अठन्नी बनाने की कोशिश हो रही है। इन्हीं चिपकी हुई चवन्नियों को ट्रेलर में देख कर दर्शक फिल्म (Kartavya) देखने बैठता है और जब खुद को ठगा हुआ महसूस करता है तो सोचता है काश, रिव्यू पहले पढ़ लिया होता।
| Director: | Hardik Gajjar |
|---|---|
| Cast: | Siddharth Gupta, Sushmitha Bhat, Sanskruti Jayana, Nivaashiyni Krishnan, J. Karthik, Smrithi Srikanth, Jackie Shroff |
| Writer: | Hardik Gajjar, Raam Mori, Prakash R. Kapadia |
Krishnavatar Part 1: Hridayam
Adventure, Romance, Drama (Hindi)
प्रेम-रस से सराबोर ‘कृष्णावतारम’
Mon, May 11 2026
‘तो जाऊं राधे…?’ वृंदावन छोड़ते समय कृष्ण ने पूछा। ‘जाओ, अब हम तुम्हारे साथ-साथ तुम्हारी प्रतीक्षा से भी प्रेम करेंगे।’ राधा का जवाब था। कहिए, वह कौन-सा हृदय होगा जो प्रेम से पगे ऐसे मीठे संवाद सुन कर भर न आएगा…! यह फिल्म ‘कृष्णावतारम’ (Krishnavataram Part 1) देखिए तो ऐसे अनेक संवाद, ऐसे अनेक दृश्य मिलेंगे जो आपके अंतस में गहरे उतरते हुए आपको भावुक करेंगे। कृष्ण और राधा को मानने वाले तो न जाने कितने ही दृश्यों पर अपनी आंखों में भर आए प्रेमाश्रुओं को भी महसूस करेंगे। यह इस कहानी की सफलता है। यह राधा और कृष्ण के हमारे दिलों में बसे होने का प्रमाण है। इधर कुछ समय से भारतीय सिनेमा में धार्मिक, पौराणिक कथाओं की जो आवक बढ़ी है उस पंक्ति में यह फिल्म मजबूती से आ खड़ी हुई है। इसके पूरे नाम ‘कृष्णावतारम पार्ट 1-द हार्ट (हृदयम)’ [Krishnavataram Part 1-The Heart (Hridayam)] से स्पष्ट होता है कि यह तो अभी शुरुआत है, आगे इस कथा के और भी अध्याय आने वाले हैं।
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